कोरबा : पसान वन परिक्षेत्र में ‘हरियाली के नाम पर लूट’, डिप्टी रेंजर अयोध्या प्रसाद सोनी पर करोड़ों के घोटाले के गंभीर आरोप
कोरबा (छत्तीसगढ़)। कोरबा जिले के पसान वन परिक्षेत्र अंतर्गत सीपतपारा क्षेत्र में वन विभाग की योजनाओं को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। पौधारोपण, स्टॉपडेम, नर्सरी और कूप कटाई जैसे कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये की बंदरबांट की चर्चाएं अब खुलकर सामने आने लगी हैं। सूत्रों के अनुसार, इन गंभीर मामलों में पसान वन परिक्षेत्र में पदस्थ डिप्टी रेंजर अयोध्या प्रसाद सोनी का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है।
सूत्र बताते हैं कि अयोध्या प्रसाद सोनी बिट गार्ड से पदोन्नत होकर डिप्टी रेंजर बने और लगातार 12 वर्षों से एक ही परिक्षेत्र में जमे हुए हैं, जो अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। इसी दौरान उन्हें सिंचित प्लांटेशन, बनिया जलाशय-2 और कूप कटाई जैसे करोड़ों के कार्यों की जिम्मेदारी मिली।
हरियाली नहीं, सिर्फ कागजों में जंगल?
सूत्रों के मुताबिक सीपतपारा क्षेत्र में पौधारोपण, स्टॉपडेम निर्माण और नर्सरी संचालन में भारी अनियमितताएं हुई हैं। कागजों में लाखों पौधे, जमीन पर सन्नाटा—ऐसी तस्वीरें सामने आने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि वन अधिकार पत्रक वितरण में भी जमकर गड़बड़ी की गई।
आय से अधिक संपत्ति का अंबार!
सूत्रों का दावा है कि डिप्टी रेंजर अयोध्या प्रसाद सोनी की संपत्तियां उनकी वैधानिक आय से कहीं अधिक हैं। जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में पूर्व वन प्रबंधन समिति अध्यक्ष रामप्रसाद (सिपतपारा) के नाम पर लगभग 5 एकड़ आदिवासी भूमि खरीदी गई। इतना ही नहीं, पेंड्रा क्षेत्र में कई जमीनें और पॉश इलाके में करोड़ों रुपये का बंगला होने की भी चर्चा जोरों पर है।
मजदूरी भी परिवार के खाते में?
सूत्रों के अनुसार मजदूरी भुगतान अपने पुत्र के नाम पर किया गया, जो एक निजी बैंक में कर्मचारी बताया जा रहा है। बीते तीन वर्षों में रिश्तेदारों के नाम पर भुगतान कर सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका भी जताई जा रही है।
जंगल की मोटर, अफसरों के घर!
मामला यहीं नहीं रुकता। सूत्र बताते हैं कि सिपतपारा के जंगलों में पौधारोपण की सिंचाई के लिए लाई गई मोटरों को वन प्रबंधन समिति के कुछ पदाधिकारियों—रामप्रसाद, बलराम और फुरमान—द्वारा अपने निजी घरों में लगवा लिया गया। जंगल सूखा रहा और पानी घरों तक पहुंच गया—यह आरोप अब आम चर्चा बन चुका है।
पहले भी उजागर हो चुका है बड़ा घोटाला
सूत्रों के अनुसार सिपतपारा क्षेत्र में इससे पहले भी वन विभाग का एक बड़ा घोटाला उजागर हो चुका है, जिसमें डिप्टी रेंजर अयोध्या प्रसाद सोनी का नाम सामने आने की चर्चा रही है। बताया जा रहा है कि विभागीय स्तर पर वसूली की तैयारी की भी खबरें हैं।
अब सवाल – कब होगी कार्रवाई?
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है। मांग की जा रही है कि पूरे मामले की लोकायुक्त, EOW या उच्च स्तरीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह वन विभाग में फैले भ्रष्टाचार की एक बड़ी परत खोलेगा। फिलहाल डिप्टी रेंजर अयोध्या प्रसाद सोनी या वन विभाग की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
Author: Saket Verma
A professional journalist








