जीपीएम जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजमती भानु के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय का ऐतिहासिक घेराव__मनरेगा, धान खरीदी व जनसमस्याओं को लेकर 2267 कांग्रेस कार्यकर्ता गिरफ्तार
पेंड्रा। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर गौरेला–पेंड्रा–मरवाही (जीपीएम) जिले में कांग्रेस पार्टी द्वारा कलेक्टर कार्यालय का विशाल और ऐतिहासिक घेराव किया गया। यह आंदोलन जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गजमती भानु के नेतृत्व में शांतिपूर्ण एवं अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ। जानकारी के अनुसार इस दौरान 2267 कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की गिरफ्तारी की गई!

ब्लॉक-ब्लॉक से उमड़ा कांग्रेस का जनसैलाब
सुबह से ही गौरेला, पेंड्रा और मरवाही ब्लॉकों से कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला कांग्रेस, युवक कांग्रेस, एनएसयूआई और सेवादल के सदस्य बड़ी संख्या में पेंड्रा पहुँचे। हाथों में तख्तियां, बैनर और नारे लिखे पोस्टर लेकर कार्यकर्ताओं ने केंद्र व राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कलेक्टर कार्यालय और आसपास का पूरा क्षेत्र कांग्रेस के नारों से गूंज उठा।

भाजपा सरकार पर साधा निशाना, गजमती भानु बोले – ग्रामीणों की आजीविका पर हमला
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजमती भानु ने कहा कि भाजपा सरकार के शासनकाल में ग्रामीणों, मजदूरों और किसानों की स्थिति बद से बदतर हो गई है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत न पर्याप्त काम मिल रहा है और न ही समय पर मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है। वहीं धान खरीदी की सीमा कम होने से किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
उन्होंने प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि
• मनरेगा में 200 दिन काम की गारंटी दी जाए
• मजदूरी दर बढ़ाई जाए
• लंबित भुगतान तत्काल किया जाए
• धान खरीदी की सीमा बढ़ाकर किसानों को राहत दी जाए

बुनियादी सुविधाओं की हालत चिंताजनक – विजय केशरवानी
मनरेगा के संभागीय समन्वयक विजय केशरवानी ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब है, लेकिन प्रशासन इन समस्याओं पर गंभीरता नहीं दिखा रहा। कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज को दबने नहीं देगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
आंदोलन जनआंदोलन बनेगा – शैलेश पांडे
मनरेगा बचाओ संग्राम प्रभारी शैलेश पांडे ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा कानून में आवश्यक सुधार नहीं किए गए और मजदूरों को उनका हक नहीं मिला, तो यह आंदोलन जल्द ही जनआंदोलन का रूप ले लेगा।
वरिष्ठ नेताओं ने भी किया संबोधन
इस अवसर पर पूर्व विधायक डॉ. के.के. ध्रुव, आदिवासी कांग्रेस की राष्ट्रीय समन्वयक अर्चना पोर्ते, आदिवासी नेता गुलाब राज, ब्लॉक अध्यक्ष बलवीर सिंह, दया वाकरे सहित अनेक वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने संबोधित करते हुए भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना की।
कलेक्टर के नाम सौंपा गया ज्ञापन
घेराव के दौरान कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मनरेगा, धान खरीदी, बेरोजगारी, महंगाई और स्थानीय विकास से जुड़ी प्रमुख मांगों को शामिल किया गया।
2267 कार्यकर्ता गिरफ्तार, शाम को रिहा
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। बैरिकेडिंग के बाद स्थिति को नियंत्रित करते हुए 2267 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण ढंग से गिरफ्तार कर अस्थायी निरोध केंद्रों में रखा गया, जिन्हें शाम को रिहा कर दिया गया।
महिला और युवा कांग्रेस की रही मजबूत भागीदारी
इस आंदोलन में महिला कांग्रेस और युवक कांग्रेस की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की, जिसका पूरी तरह पालन किया गया।
मांगें नहीं मानी गईं तो होगा चरणबद्ध आंदोलन
कार्यक्रम के अंत में जिला अध्यक्ष गजमती भानु ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने कांग्रेस की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो पूरे जिले में चरणबद्ध आंदोलन और तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के हक की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी।
कार्यक्रम में ये प्रमुख नेता एवं कार्यकर्ता रहे उपस्थित
कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि पंकज तिवारी उपस्थित रहे, जबकि पुष्पराज सिंह ने संचालन किया। इस दौरान अमोल पाठक, अवधेश गुर्जर, मालती वाकरे, सविता राठौर, रेखा रंजन, सुनीता तिमोथी, चंद्रभान सिंह, हरीश राय, बाला कश्यप, मुद्रिका सर्राथी ,रामरतन पेंद्रों, अफ़सर ख़ान, राहुल भैना, नारायण आर्मो, श्रीकांत मिश्रा, शीनू राव, बाबा साठे, तेज राजपूत, गणेश मार्को, रवि राय, सनी श्रीवास, अनुज ताम्रकार, अनस ख़ान, मदन सोनी, संतोष ठाकुर, हेमनाथ सर्राटी, संतोष वर्मा, लक्ष्मण राठौर, कमल राठौर, सोनू अग्रवाल, मनोज श्रीवास, शिवांश दुबे, कौशल राठौर, यश शर्मा, एवन पाल, नीलेश गुर्जर, लालबहादुर पोर्ते, सुंदर सिंह, दादूराम, आयुष सोनी, असलम ख़ान, विक्रांत रोहणी, राजेश गुप्ता, रमेश कोल, शहीद राईन, गब्बर रजक सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसके अलावा कांग्रेसजन, महिला कांग्रेस, किसान कांग्रेस, युवक कांग्रेस एवं एनएसयूआई के हजारों कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।
Author: Ritesh Gupta
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