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मनेन्द्रगढ़: जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अनुशासनहीनता का मामला, बाबू का वीडियो वायरल__

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मनेन्द्रगढ़: जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में खुली अव्यवस्था, वायरल वीडियो ने शिक्षा विभाग की साख पर सवाल खड़े कर दिए
मनेन्द्रगढ़। शिक्षा विभाग में अनुशासनहीनता का ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी सरकारी कामकाज की गंभीर अनदेखी हो रही है।
वीडियो में लेखा पर्यवेक्षक दिनेश प्रसाद शर्मा को कार्यालय में टेबल पर पैर रखकर मोबाइल चलाते हुए देखा जा सकता है। ऐसा प्रतीत होता है कि वे कामकाज को पूरी तरह नजरअंदाज कर आराम फरमा रहे हैं। यह दृश्य न केवल कार्यालयीन मर्यादा के खिलाफ है, बल्कि सरकारी सेवा नियमों का भी उल्लंघन है।
जाहिर है कि अगर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जैसी जिम्मेदार इकाई में ही कर्मचारी इस हद तक लापरवाह और अनुशासनहीन हैं, तो बाकी शिक्षा विभाग के कार्यालयों की कार्यप्रणाली की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। आम जनता और विभागीय हलकों में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी है।
हालांकि, इस मामले में कर्मचारी दिनेश शर्मा ने बताया कि उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, लेकिन यह हल्की प्रतिक्रिया वीडियो और स्थिति के गंभीरपन के सामने पूरी तरह असंतोषजनक है। सवाल उठ रहे हैं कि इतनी स्पष्ट और सार्वजनिक अनुशासनहीनता पर केवल नोटिस जारी करना क्यों?
क्यों नहीं किया गया तुरंत निलंबन? क्या जिला शिक्षा अधिकारी ऐसे कर्मचारियों को बचाने और पल्ला झाड़ने में व्यस्त हैं, जबकि कार्यालय और विभाग की साख दांव पर लगी हुई है?
इस वायरल वीडियो ने न केवल कर्मचारी की कार्यशैली उजागर की है, बल्कि जिला शिक्षा अधिकारी की जवाबदेही और नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी चर्चा कर रहे हैं कि अगर जिम्मेदार पद पर बैठे लोग इस तरह की अव्यवस्था को नजरअंदाज करेंगे, तो शिक्षा विभाग के अन्य कार्यालयों की स्थिति क्या होगी।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शिक्षा विभाग और जिला शिक्षा अधिकारी इस गंभीर अनुशासनहीनता के खिलाफ क्या कदम उठाते हैं। क्या विभाग केवल औपचारिक नोटिस तक सीमित रहेगा, या कड़े और प्रभावी कदम उठाकर कर्मचारियों को एक स्पष्ट संदेश देगा कि सरकारी कार्यालय में अनुशासन की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिक्षा विभाग की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि जब जिम्मेदार अधिकारी ही पल्ला झाड़ने और औपचारिकता में संतोष कर रहे हैं, तो आम कर्मचारियों और जनता की उम्मीदों का क्या होगा!
Ritesh Gupta
Author: Ritesh Gupta

Professional JournalisT

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