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एसपी के नाक तले थाना प्रभारी की बेरहमी,महिला आरक्षक प्रताड़ित..ड्यूटी छोड़ छुट्टी लेने मजबूर..! क्या चल रहा पुलिस विभाग में..?

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— कोरबा/पाली:-एक ओर जिले के ईमानदार व तेजतर्रार पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी जिले में अपराध व अवैध कार्यों पर रोक लगाने लगातार मशक्कत कर रहे हैं तो वही एक थाना प्रभारी इनके नाक तले अपनी मनमानी कर महिला आरक्षक को प्रताड़ित करने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं।वही महिला आरक्षक इनकी प्रताड़ना से तंग आकर छुट्टी ले ली है। आखिर पुलिस अधीक्षक के नाक तले चल क्या रहा है.?
ये पूरा माजरा जिला कोरबा के थाना पाली का है जहां इन दिनों थाना पाली की कमान टू स्टार जितेंद्र यादव के हाथों में है।थाने में इनकी मनमानी इस कदर कायम है कि ये थाने के स्टाफ को अपने पैरों की जूती समझते हैं, जब चाहो तब किसी को ठोकर मार दो,जब चाहो तब किसी को जलील कर दो.? थाना में पहुँचने वाले फरियादियो से भी ये ऐसे पेश आते हैं मानो फरियादी थाना आकर कोई गुनाह कर दिया हो..! इनकी कार्यशैली से पुलिस कर्मी नाखुश नजर आते हैं।
जी हाँ, थाना प्रभारी की करतूत उस वक्त सामने आई जब थाना में पदस्थ महिला आरक्षक इंदु ने अपनी आप बीती उजागर की,महिला आरक्षक इंदु की माने तो थाना प्रभारी जितेंद्र यादव का व्यवहार बेहद घटिया व अभद्रतापूर्ण है,इन्हें महिलाओं से बात करने का जरा भी सलिखा नही है।हर समय जलील करना व धमकी देना इनकी प्रवृति बन गई है।ये कहि भी किसी के सामने भी महिलाओं को सरेआम बेज्जत करने में जरा भी संकोच नहीं करते हैं।
दरअसल ये पूरा वाक्या उस समय उजागर हुआ जब पाली थाना में एक नाबालिक युवती के शोषण का मामला आया।उक्त मामले को लेकर थाना प्रभारी ने महिला आरक्षक इंदु को कथन के लिए थाना कटघोरा भेजा।दरअसल नाबालिक युवती के कथन के लिए वन स्टार की आवश्यकता होती है थाना पाली में वन स्टार महिला अधिकारी नही होने के कारण थाना कटघोरा में नाबालिक युवती का कथन होना था।आरक्षक इंदु जब थाना कटघोरा कथन के पहुची तो वन स्टार महिला अधिकारी ने कथन लेने से इनकार कर दिया और राजपत्रित अधिकारी का आदेश लेकर आने को कहा गया तब कथन लिया जाएगा बोला गया।तब महिला आरक्षक इंदु ने पाली थाना प्रभारी को वस्तु स्थिति से अवगत कराया तो थाना पाली प्रभारी के कहने पर महिला आरक्षक डायरी लेकर राजपत्रित उच्चाधिकारी के पास आदेश लेने कोरबा गई,इस दौरान उन्हें काफी समय लग गया,वही इनकी गैरहाजिरी में बिना डायरी के थाना कटघोरा में पदस्थ महिला वन स्टार अधिकारी ने नाबालिक युवती का कथन ले लिया।
वही दूसरे दिन जब महिला आरक्षक इंदु थाना पाली पहुची तो थाना प्रभारी जितेंद्र यादव ने इनकी जमकर क्लास ली और बोले कि मेरे पास कुछ मीडिया वाले आये थे जब तुम उन्हें थाना कटघोरा में छोड़कर चले गए थे तो पीड़ित पक्ष का वीडियो बना लिया गया था,जिसमे पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि तुम उन्हें भूखा प्यासा बिना कथन लिए छोड़ कर चले गए थे।ऐसे में तुम्हारी नोकरी खतरे में आ सकती थी,वो तो मेरे द्वारा मीडिया वालों को मैनेज किया गया तब जाकर तुम सुरक्षित हो।
इस बात पर महिला आरक्षक इंदु भड़क गई और इन्होंने थाना प्रभारी को कहा कि मैं अपनी ड्यूटी ही कर रही थी मेरी कोई गलती नही है जब मैं कथन के लिए थाना कटघोरा युवती को लेकर गई तो वहाँ वन स्टार महिला अधिकारी ने उच्चाधिकारी के आदेश के बाद कथन लेने की बात कही तो मैं आपके कहे अनुसार डायरी लेकर कोरबा आदेश के लिए गई थी,इस बीच बिना डायरी के कटघोरा वन स्टार महिला अधिकारी ने कैसे कथन ले लिया, जबकि उन्होंने ही कहा था,राजपत्रित अधिकारी के आदेश लेकर आओ तभी कथन होगा।
बस फिर क्या था थाना पाली प्रभारी जितेंद्र यादव ने महिला आरक्षक इंदु को जमकर खरी खोरी सुनाई और तुम्हे श्यांग भेज दूंगा कहकर जमकर जलील किया। इससे स्प्ष्ट होता है कि थाना पाली प्रभारी की मनमानी थाना में किस कदर जारी है।ऐसा प्रतीत होता है मानो इन्हें पुलिस अधीक्षक का जरा भी ख़ौफ़ नही है।अब देखना ये है कि इस मामले पर पुलिस अधीक्षक क्या एक्शन लेते हैं या प्रभारी जितेंद्र यादव का रवैया बदस्तूर जारी रहेगा।

(वरिष्ठ पत्रकार अरविंद शर्मा की वॉल से)”

Ritesh Gupta
Author: Ritesh Gupta

Professional JournalisT

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