रायपुर/मरवाही : – छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमण्डल ने करोड़ों के प्लांटेशन कार्य में लापरवाही और घटिया सामग्री आपूर्ति करने वाली तीन कंपनियों पर गाज गिरा दी है। विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए इन फर्मों के सभी कार्य आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए, उनकी सुरक्षा निधि राजसात कर ली और एक वर्ष तक भविष्य की निविदाओं से वंचित कर दिया।
वनमण्डल अधिकारी श्रीमती ग्रीष्मी चांद (भा.वन.से.) द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि प्लांटेशन जैसे संवेदनशील कार्यों में किसी भी स्थिति में निम्न गुणवत्ता की सामग्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कदम न केवल विभागीय अनुशासन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि ठेकेदार कंपनियों को यह स्पष्ट संदेश भी देता है कि अब जंगल और पर्यावरण से खिलवाड़ करने वालों को किसी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।
किन कंपनियों पर कार्रवाई हुई और क्यों?
1. एस.जी. इंडस्ट्रीज, चैनपुर इण्डस्ट्रियल एरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (छ.ग.)
कार्यादेश निविदा संख्या GEM/2025/B/5818445 दिनांक 14.01.2025 कार्य गैल्वेनाइज्ड स्टील चेन लिंक फेंस फैब्रिक V2 की आपूर्ति जप्त राशि – ₹ 194986
काली सूची में डालने का कारण आपूर्ति की गई सामग्री न केवल घटिया पाई गई बल्कि तकनीकी मानकों का भी पालन नहीं किया गया। परिणामस्वरूप भारी-भरकम सुरक्षा निधि ज़ब्त कर कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया गया।
2 – मेसर्स शुभ एग्रो इंडस्ट्रीज, ग्राम एवं पोस्ट देवनगर, सूरजपुर (छ.ग.) जिसकी निविदा संख्या GEM/2025/B/5801639 दिनांक 14.01.2025 जिसने विभिन्न स्थलों पर 1,19,000 किलोग्राम स्टील चेन लिंक फेंस आपूर्ति , जप्त राशि – ₹3,13,803 , निरीक्षण में पाया गया कि आपूर्ति की गई सामग्री अनुमोदित गुणवत्ता से मेल नहीं खा रही थी। शर्तों का उल्लंघन करने पर कार्यादेश निरस्त किया गया और कंपनी को आगामी निविदाओं से बाहर कर दिया गया।
3 – मेसर्स दीपाली इंटरप्राइजेस, राजनांदगांव
निविदा संख्या GEM/2025/B/5801639 दिनांक 14.01.2025 जिसका कार्य 1,98,332 किलोग्राम स्टील चेन लिंक फेंस आपूर्ति जप्त राशि: ₹5,23,001, आपूर्ति की गई सामग्री को घटिया और अनुचित पाया गया। विभाग ने राशि राजसात कर कंपनी को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया।
वनमण्डल की सख्ती गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
वनमण्डलाधिकारी श्रीमती ग्रीष्मी चांद का यह आदेश में बताता है कि वन विभाग के संवेदनशील कार्य सीधे जनता और पर्यावरण से जुड़े हैं। ऐसे कार्यों में घटिया और गैर-मानक सामग्री किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी। सभी कंपनियाँ आई.एस. 2721 मानक का पालन करें, वरना परिणाम इन्हीं फर्मों जैसा होगा।”
क्या संदेश गया?
करोड़ों की सुरक्षा निधि ज़ब्त कर शासन के पक्ष में जमा होने से ठेकेदार कंपनियों की मनमानी पर अब अंकुश लग सकेगा। वन विभाग की सख्ती से प्लांटेशन कार्य की गुणवत्ता पर सीधा असर डालेगा। इसके साथ ही ठेकेदार और कंपनियों को चेतावनी दी गई कि नियमों से ज़रा भी विचलन हुआ तो कार्रवाई तय है। इस कार्रवाई ने न केवल तीन बड़ी कंपनियों को झटका दिया है बल्कि पूरे प्रदेश में ठेकेदार कंपनियों को साफ संदेश भेजा है कि अब जंगल विभाग की योजनाओं में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरवाही वनमण्डल की इस सख्ती को एक मॉडल एक्शन माना जा रहा है, जिससे अन्य मंडलों में भी ठेकेदारों पर नकेल कसने का रास्ता साफ होगा।
Author: Ritesh Gupta
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