कोरबा। भारतीय जनता पार्टी ने कोरबा जिले की राजनीति में बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लेते हुए उत्तम सिंह रंधावा को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस नियुक्ति को केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि विपक्ष की राजनीति पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।

भाजपा के इस कदम ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी अब अल्पसंख्यक समाज को लेकर रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है। लंबे समय से जमीनी स्तर पर सक्रिय रहे उत्तम सिंह रंधावा को जिम्मेदारी देकर भाजपा ने यह संदेश दिया है कि अब संगठन में काम करने वालों को ही नेतृत्व मिलेगा।
“प्रतीक नहीं, प्रभावशाली नेतृत्व” का संदेश
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि रंधावा की नियुक्ति भाजपा की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें अल्पसंख्यक समाज को केवल वोट बैंक नहीं बल्कि नीतिगत भागीदार के रूप में देखा जा रहा है। यह फैसला विपक्ष के उस नैरेटिव को कमजोर करता है, जिसमें भाजपा पर अल्पसंख्यकों की अनदेखी का आरोप लगाया जाता रहा है।
कार्यकर्ताओं में जोश, विपक्ष में खलबली
जैसे ही नियुक्ति की घोषणा हुई, भाजपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। वहीं दूसरी ओर विपक्षी खेमे में इस फैसले को लेकर राजनीतिक बेचैनी साफ झलक रही है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में अल्पसंख्यक मोर्चा जिले की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
उत्तम सिंह रंधावा का स्पष्ट संदेश
जिम्मेदारी मिलने के बाद उत्तम सिंह रंधावा ने दो टूक कहा—
“भाजपा सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर काम करती है। मेरा लक्ष्य अल्पसंख्यक समाज को विकास, सुरक्षा और सम्मान के साथ भाजपा से जोड़ना है।”
आगामी चुनावों की तैयारी का संकेत
इस नियुक्ति को आगामी चुनावों से पहले संगठन को धार देने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
भाजपा यह साफ करना चाहती है कि कोरबा जिले में अब हर वर्ग, हर समाज को साथ लेकर राजनीतिक लड़ाई लड़ी जाएगी। कुल मिलाकर, उत्तम सिंह रंधावा की ताजपोशी ने कोरबा की राजनीति में नई बहस, नया समीकरण और नया सियासी संदेश खड़ा कर दिया है।
Author: Saket Verma
A professional journalist







