मरवाही ब्लॉक में स्वास्थ्य कर्मचारियों का वेतन रोके जाने से आक्रोश, संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
गौरेला पेंड्रा मरवाही| 5 फरवरी 2026 : छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही ब्लॉक में कार्यरत स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का जनवरी 2026 का वेतन बिना किसी विभागीय आदेश के रोक दिए जाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर संयुक्त स्वास्थ्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ ने कड़ा विरोध जताते हुए कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। संघ का आरोप है कि मरवाही ब्लॉक में पदस्थ कर्मचारियों का वेतन बिना किसी लिखित आदेश या शासन निर्देश के रोका गया, जिससे कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

आंदोलन के दौरान भी वेतन भुगतान का आदेश जारी हुआ था
संघ ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर चल रहे आंदोलन के दौरान भी शासन द्वारा 3 प्रतिशत लंबित डीए के भुगतान का आदेश जारी किया गया था, जिसका लाभ अधिकारियों और कर्मचारियों को मिला। इसके बावजूद आंदोलन अवधि में वेतन रोकने संबंधी कोई निर्देश शासन द्वारा जारी नहीं किया गया था।
28 जनवरी को हुई थी अधिकारियों से चर्चा
संघ के अनुसार, दिनांक 28 जनवरी 2026 को जिला पदाधिकारियों द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से चर्चा की गई थी। इस दौरान यह स्पष्ट किया गया था कि आंदोलन में शामिल कर्मचारियों का वेतन नियम अनुसार रोका नहीं जाएगा। इसके बाद भी मरवाही ब्लॉक में पदस्थ कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं किया गया।
अब तक वेतन भुगतान नहीं, बढ़ रहा आक्रोश
संघ का कहना है कि 4 फरवरी 2026 तक भी कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। कर्मचारियों को घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यकताओं में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
संयुक्त स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने मांग की है कि:
• जनवरी 2026 का रोका गया वेतन तत्काल जारी किया जाए
• वेतन रोकने के लिए जिम्मेदार खंड चिकित्सा अधिकारी एवं लेखापाल (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही) के खिलाफ उचित विभागीय कार्रवाई की जाए
• की गई कार्रवाई की जानकारी संघ को लिखित रूप में दी जाए
संघ के प्रांतीय अध्यक्ष विकास कुमार यादव ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र वेतन भुगतान नहीं किया गया तो संघ को आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
Author: Ritesh Gupta
Professional JournalisT








