कमीशन नहीं तो भुगतान नहीं! नगर पालिका अधिकारी खिलाफ फूटा ठेकेदार का गुस्सा, आमरण अनशन का ऐलान
कोरबा। नगर पालिका परिषद छुरीकला में कमीशनखोरी का खेल अब खुलकर सामने आने लगा है। सूत्रों के हवाले से जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक परिषद में बिना “कमीशन” दिए ठेकेदारों को उनकी मेहनत की कमाई नहीं मिल रही है। इसी भ्रष्ट व्यवस्था का शिकार बना है अटल परिसर निर्माण एवं मूर्ति स्थापना का ठेकेदार।
कार्य पूर्ण हुए 6 महीने से अधिक बीत चुके हैं, लोकार्पण भी हो चुका है, फिर भी ठेकेदार अग्रवाल एजेंसी की राशि जानबूझकर रोककर रखी गई है। सूत्रों का दावा है कि भुगतान के एवज में अवैध लेन-देन का दबाव बनाया गया, और जब ठेकेदार ने समझौता करने से इनकार किया तो फाइलें दफ्तरों में धूल फांकने लगीं।

अब सब्र का बांध टूट चुका है। ठेकेदार ने ऐलान किया है कि यदि 09 फरवरी 2026 तक भुगतान नहीं किया गया, तो वह 10 फरवरी 2026 से गांधी प्रतिमा के समक्ष आमरण अनशन पर बैठ जाएगा। यह सिर्फ एक ठेकेदार का आंदोलन नहीं, बल्कि नगर पालिका में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ खुला मोर्चा होगा।
सूत्रों का कहना है कि परिषद में यह पहली बार नहीं है जब कमीशन के खेल में भुगतान रोका गया हो, लेकिन इस बार मामला सड़क पर जाने वाला है। आंदोलन की गूंज शासन-प्रशासन तक पहुंचने लगी है, क्योंकि पत्र की प्रतिलिपि जिला, संभाग और राज्य स्तर तक भेजी जा चुकी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि
👉 क्या प्रशासन कमीशनखोरी पर चुप्पी साधे रहेगा?
👉 या फिर आमरण अनशन और आंदोलन के बाद ही अधिकारियों की नींद खुलेगी?
नगर में चर्चाएं तेज हैं कि यदि इस मामले में समय रहते भुगतान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में नगर पालिका परिषद छुरीकला के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी!
Author: Ritesh Gupta
Professional JournalisT








