गोबर खरीदी घोटाले में नियमों को ताक पर रख चौकीदार को बनाया गया समिति सचिव
14 लाख 77 हजार रुपये के गबन का आरोप, कार्रवाई की मांग तेज
जीपीएम (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) जिले के मरवाही वन मंडल में गोबर खरीदी को लेकर बड़ा घोटाला सामने आने का आरोप लगाया जा रहा है। आरोप है कि तत्कालीन डीएफओ रौनक गोयल ने कैम्पा शाखा प्रभारी भूपेंद्र साहू के साथ मिलकर लगभग 14 लाख 77 हजार रुपये की राशि के गबन की कूट रचना की।
बताया जा रहा है कि गोबर खरीदी के मामले में नियमों को दरकिनार करते हुए एक वन चौकीदार सुरेश राठौर को पिपरिया वन प्रबंधन समिति का सचिव बना दिया गया। जबकि इस पद के व्यक्ति को ही वित्तीय अधिकार प्राप्त नहीं होते हैं, परंतु आरोप है कि नियमों के विरुद्ध चौकीदार से ही राशि का आहरण कराया गया।

इस पूरे मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह मुद्दा विधानसभा में भी उठा और इस पर बहस हुई, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। संबंधित मंत्री द्वारा जांच रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं होने का हवाला दिया गया, जिससे आरोपियों को संभलने का मौका मिलने की बात कही जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मरवाही वन मंडल भ्रष्टाचार का अड्डा बनता जा रहा है और विकास के लिए आने वाले धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। मामले के सामने आने के लगभग एक माह बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर आम जनता और जनप्रतिनिधियों ने सुरेश राठौर और तत्कालीन डीएफओ पर एफआईआर दर्ज करने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
Author: Ritesh Gupta
Professional JournalisT








