तीन जिलों में अवैध ब्लास्टिंग का बड़ा खेल? बारूद के सहारे कथित उगाही का नेटवर्क, ग्रामीणों में दहशत
जांजगीर-चांपा। जिले में अवैध ब्लास्टिंग और बारूद के इस्तेमाल को लेकर एक बड़ा मामला सामने आने की चर्चा है। स्थानीय ग्रामीणों और सूत्रों का दावा है कि जांजगीर-चांपा, रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से कथित रूप से अवैध ब्लास्टिंग का खेल चल रहा है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों में चिंता और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक कई गांवों में पत्थर तोड़ने, जमीन समतल करने और अन्य निर्माण कार्यों के नाम पर बारूद का इस्तेमाल कर ब्लास्टिंग की जा रही है। आरोप है कि कई बार यह काम बिना वैध अनुमति और सुरक्षा मानकों के किया जाता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को भी खतरा बना रहता है।
एक व्यक्ति के नाम की चर्चा
स्थानीय लोगों के अनुसार इस पूरे मामले में भैरों सिंह उर्फ भैरव सिंह राजस्थानी नामक व्यक्ति का नाम सामने आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि वह कथित रूप से अलग-अलग क्षेत्रों में ब्लास्टिंग से जुड़े कामों का संचालन कर रहा है और इसके जरिए ग्रामीण इलाकों में गतिविधियां संचालित हो रही हैं।हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन गंभीरता से जांच करे तो पूरे मामले का खुलासा हो सकता है।
तीन जिलों तक फैले नेटवर्क की आशंका
ग्रामीणों का कहना है कि यह गतिविधि केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। जांजगीर-चांपा के साथ-साथ रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भी इसी तरह की घटनाओं की चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों का दावा है कि कई जगहों पर मामूली रकम लेकर ब्लास्टिंग कराई जाती है और इसके जरिए कथित रूप से अवैध उगाही का भी खेल चल रहा है।
प्रशासन को गुमराह करने के आरोप
कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में संबंधित विभागों और अधिकारियों को गुमराह किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि खनिज विभाग और जिला प्रशासन पूरे मामले की गहराई से जांच करें तो कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
ग्रामीणों में बढ़ता डर
लगातार ब्लास्टिंग की घटनाओं की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों के बारूद का इस्तेमाल किया जाता है तो इससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि ब्लास्टिंग से कई बार घरों में कंपन महसूस होता है और आसपास की जमीन और संरचनाओं पर भी असर पड़ने की आशंका बनी रहती है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खनिज विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि अवैध गतिविधियों पर रोक लग सके और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि यदि लंबे समय से इस तरह की गतिविधियां चल रही हैं तो इसकी जानकारी संबंधित विभागों को क्यों नहीं मिली। लोगों का मानना है कि पूरे मामले में प्रशासनिक स्तर पर भी जांच होना जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और खनिज विभाग इस पूरे मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या वाकई इस कथित अवैध ब्लास्टिंग नेटवर्क की जांच कर कोई ठोस कार्रवाई की जाती है या नहीं।
Author: Ritesh Gupta
Professional JournalisT









