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करोड़ों के एनीकट निर्माण में बड़ा खेल! बेलझिरिया में घटिया सामग्री से बन रहा ददरी नाला एनीकट, सुशासन की सरकार में उठे सवाल

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जनता के करोड़ों रुपये पर डाका? बेलझिरिया में घटिया सामग्री से बन रहा ददरी नाला एनीकट, सुशासन के दावों पर उठे बड़े सवाल
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के मरवाही संभाग अंतर्गत ग्राम बेलझिरिया में बन रहे ददरी नाला एनीकट निर्माण कार्य को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे इस निर्माण कार्य में खुलेआम घटिया सामग्री का उपयोग कर जनता के पैसों की खुली लूट की जा रही है।
जानकारी के अनुसार ददरी नाला एनीकट निर्माण कार्य के लिए लगभग 440.59 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है, जबकि करीब 240.50 लाख रुपये की निविदा में काम कराया जा रहा है। लेकिन मौके पर चल रहे निर्माण को देखकर ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण मानकों की खुली अनदेखी कर सरकारी धन की बंदरबांट की जा रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मिट्टी मिली खराब रेत, घटिया सरिया और निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं तो आखिर इतनी खराब गुणवत्ता से निर्माण क्यों किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि करीब एक माह पहले गांव के सरपंच और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर इसका विरोध भी किया था। विरोध के बाद कुछ समय के लिए घटिया सामग्री का उपयोग बंद कर दिया गया था, लेकिन तब तक लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य घटिया सामग्री से ही पूरा कर लिया गया था। अब फिर से उसी प्रकार की निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री से काम किए जाने की बात सामने आ रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब यह निर्माण कार्य जल संसाधन विभाग के अधीन हो रहा है तो क्या विभाग के इंजीनियर और एसडीओ ने कभी निर्माण स्थल का निरीक्षण किया भी है या नहीं? यदि निरीक्षण नहीं हुआ तो यह गंभीर लापरवाही है, और यदि हुआ है तो इतने बड़े स्तर पर घटिया निर्माण बिना अधिकारियों की मिलीभगत के संभव नहीं माना जा रहा।
प्रदेश में सुशासन और पारदर्शिता की बात करने वाली सरकार के बीच इस तरह का मामला सामने आना सीधे-सीधे उन दावों पर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते विरोध नहीं किया जाता तो घटिया निर्माण कर जनता के करोड़ों रुपये डकार लिए जाते।
इस पूरे मामले को लेकर कलेक्टर को आवेदन सौंपकर उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने, निर्माण कार्य के भुगतान पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषी ठेकेदार, इंजीनियर और एसडीओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
Ritesh Gupta
Author: Ritesh Gupta

Professional JournalisT

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